Satyamev Jayate: Bihar seeks Aamir’s help to popularise generic drugs

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Jul 8, 2012 at 9:23 PM

aamirImpressed by Aamir Khan’s advocacy of generic drugs, Bihar has sought the Bollywood star’s help to create awareness and popularise the medicines among the people in the state, a minister said Sunday. ”I have requested Aamir Khan to lead a campaign to help the Bihar government create awareness about generic drugs and popularise it,” said Ashwani Kumar Choubey, the state’s Health Minister.

Choubey said the government would make official announcement about the campaign after receiving a confirmation from Aamir. ”We hope that sensitive actor Aamir Khan will accept our request to lead a campaign for popularising generic drugs in Bihar,” Choubey said. 

He feels Aamir’s association would help the government to reach common people and educate them about the importance and utility of cost-effective generic drugs. The state government had decided to provide generic medicines in all the government hospitals and health centres, but the policy was yet to be implemented, said Chaubey. He said, last year, the government ordered the supply of only a generic medicine to health centres for free distribution among patients.

Source: IANS

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    Ganesh Ojha September 5, 2012 at 6:05 pm

    hi sir i want to know
    (1) how to start online generic medicine store ?
    (2) what kind of legal issue i will be face ?
    (3) can i received payment by online transfer or not if i received by online then what is gateway ?

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    ANIL July 10, 2012 at 11:19 pm

    GENERICS ONSET OF ACTION NOT AT PAR WITH BRANDED ONES,,,,,,,,,

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    Ramesh shah July 9, 2012 at 2:31 am

    इन अब्रोडइंडियन
    सुनियोजि अरज म्हारीयो माँ बुला हामार
    सारे के सारे इंडियन अब्रोड जाना चाहते है कीतनेतो अपनी जमीन जाइदाद बेचके कई लोन लेके कई कानूनका जूठा फायदा उठाके कई कड़ी मेहनत करके कई धन दौलत ऐशो आराम होनेके बावजूद कई अपनोंसे और अपने देशसे तंग आके कई कुछ करके दिखानेकेलिये और सभी यही सोचते है की wow क्या लाइफ है फ़ोरेनका च्छी अपना देश कोई देश है सारे के सारे मक्कार ना यहाँ किसीका support और तो और फोरेन की लाइफ कितनी मस्त होती है
    हम पापी है जो इंडिया में पैदा हुवे काश मेरी संतान तो फोरेन में पैदा हो इस तरह से कई अटकले विचार हम लोगोने बनाया है सारे के सारे अमेरिका ,कनाडा ऑस्ट्रेलिया लन्दन जाना चाहते है यह सोच सिर्फ इंडियन की नहीं बल्कि पाकिस्तानी,बंगलादेशी,श्रीलंका पोलैंड इतालियन अरबियन रशीयन मलेशिया कोरियन चिनीस जापानीस अफ़्रीकां इसराइल फ्रांस इरिश मेक्सिकान वेस्ट इंडिया इराकी ईरानी अफागानिसत्नानी ऐसे कई देश वासी सोचते है एक ही उद्देश हमें फोरेन जाना है इस देश में नहीं रहना हम जोभी करेंगे फोरेन जाके करेंगे चाहे मेमसाब के कुत्तेकी टट्टी भी साफ क्यों न करना पड़े हम तैयार है फोरेन जानेकी नशा उनमे इतनी भरी है की उनमे करतब होते हुवे भी सब कुछ होते हुवे भी वे इंडिया में कुछ करने को तैयार नहीं हमें बचपनमे एक कहानी सुनाई जाती एक गरीबको भगवानने एक मटका दिया उसमे जो मांगो मिलाता अब ओह रोज अपने बेटोंको लिए लाडू जलेबी बासुंदी हलवा पूरी मालपोवा मांगने लगा और खाने लगे सही मायनेमे यहाँ मतलब फोरेन में ढगाला भर भर के केशर काजू पिस्ता बादाम आइसक्रीम जो चाहे रोज ले आओ और जितना चाहे खावो अब आप सोचेंगे इतना सब खाके हम गोरे गोरे लाल गुलाबी बन जायेंगे मै सच बोलू फोरेन में रहने वाली या फोरेन बोर्न हिन्दुस्तानी के मुह पर ओह शायनिंग नहीं होती जो की इंडिया के किसीभी प्रांत के एक छोटे गॉव में रहने वाली में होती है यह सारे के सारे फोरेन इंडियन जैसे मुर्ज़े मुर्ज़े से पतझड़ सूखे पेड़ जैसे लगते है और इंडिया में रहने वाले गरीब से गरीब भी जिसने न कभी बादाम देखे ओह भी हरियाली जैसा सदा बहार लगता है यह सब क्लाइमेट के वजह और ओरिजनल उत्पत्ति पर निर्भय होता है जैसे गोरे की संतान इंडिया में गोरी ही होगी और हिन्दुस्तानी की संतान अमेरिका लन्दन में भी हिन्दुस्तानी जैसी ही होगी गयानिस आज सेकड़ो साल से अमेरिका लन्दन रहते है काजू बादाम खाके भी ओह हमारे जैसे ही दिखते है बल्कि उनके रिलेटिव हमारे देश में उनसेभी कई ज्यादा सुन्दर स्मार्ट लगते है पुरे अमेरिका लन्दन में आपको एक भी ऐसी लड़की दिखाई नहीं देगी जो बिहारके किसीभी एक गाव की लड़कीसे सुन्दर हो अब आप बोलेंगे की सुन्दरता क्या खानी है जहा कैरिअर ही नहीं है वहा रहनेका क्या फायदा मई बोलता हु शारीरिक मानसिक हानि करके क्यरिअर बनाने का क्या मतलब अगर आप शारीर से मान्सिक्तासे मजबूत हो तो यहाँ भी क्यरिअर बना सकते हो ज्यो हिम्मत आप बहार दिखाना चाहते हो उतनी अपनी जमीन पर दिखाव यह जमीन तुम्हे गले लगाएगी ठीक है पहले अपना देश गरीब था लेकिन अब सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुसिता हमारा अब अन्ना रामदेवबाबा जैसे लोगोंके वजह असते असते सुधार भी आने लगा है सारे करप्तेद लोग भी अब बदल गए है अब आप अपनी माँ को छोडके क्यों जाना चाहते हो लेकिन ये एक नशा लगा है जब तक नशेमे डूब कर आप चूर नहीं होते आपको होश कहा अब आप बोलेंगे तुम साले कंगाली कंगाली ही रहोगे तुम्हे ५ स्टार होटल में सोने को देगा तभी तुम सड़क पे सोना पसंत करोगे कुछ बाते आपकी सही है आदमीकी कमजोर विचार धरा उसे कमजोर बनाती है लेकिन यह भी सही है की आदमी होतेलसे ज्यादा घरमें रहना पसंत करेगा
    अब मई मुद्दे पर आता हु की इंडियन फोरेन में ज्यादा सुखी है या इंडिया में अब कई लोग सुख का मतलब भी नहीं जानते कई लोग सिमित लिमिट सुख में इतने घुल मिले है की सुख उनसे कोसो परे होगया है ये उन्हें मालूम ही नहीं जब हम इन्हें देखते है तब ऐसा लगता है की यह हमारे है नहीं और कई सालो बाद हमारे अपने पराये हो जायेंगे जैसे गयानिस लेकिन हम नहीं चाहते अपने पराये हो और असली सुख दुःखको खो जाओ इसीलिए हम प्रयास करते है
    मै आपको दिखाना चाहता हु की इंडियन लोग फोरेन रहके कितनी गलती कर बैठे है और यह सारे इंडियन कितने दुखी है मिलियनर बिलिय्नर सारे के सारे न सिर्फ दुखी बल्कि पस्ता रहे है अब ओह यह चक्र्युह्से निकल नहीं सकते और आददसे मजबूर होके निकलना भी नहीं चाहते इंडियन हो या पाकिस्तानी हमारी महिला एक सभ्य ताका प्रतिक है हमारा मान सन्मान है हमारी शान है कमसेकम इन्हें तो फोरेन जानेसे रोकिये
    अब मै इनके बारेमे दिल दहलाने वाली बाते कहू इससे पहले मै यह कहना चाहता हु की जो होगया सो होगया लेकिन अब आज से न हम फोरेन जायेंगे न हमारी महिला ओंको भेजेंगे हा जाओ कुछ समय के लिए जैसे छे महीने एक साल ज्यादा से ज्यादा ५ साल इससे ज्यादा दिन रहने वालोंसे आप नफ़रत करे चाहे ओह आपका बेटा क्यों न हो पति क्यों ना हो या बेटी क्यों ना हो उन्हें धुत्कारिये उनका सन्मान नहीं कीजिये मै हाथ जोडके आपको विनंती करता हु
    अगर मै आपको इंडियन इन फोरेन का ऑडियो विडियो और लिखित प्रूफ दिखावू और ओह वापस भी क्यों नहीं आना चाहते तो आप रो पड़ेंगे आपके आत्म सन्मान को ठेस पहुचेगी लेकिन मुझे यह दिखाना है चाहे जो हो हमें इंडियन को बहार जानेसे रोकना है इससे मर जाना बेहत्तर सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं कमसे कम कोई भी बाप अपनी बेटिका रिश्ता फोरेन जानेवाले से ना करना अगर शादीके बाद जाता है तो उसे तलाक देना
    लेकिन कोईभी लड़कीको फोरेन नहीं भेजना फोरेन में ज्यादा से ज्यादा ५ साल ठीक है उससे ज्यादा नहीं रहना चाहिए नहीं तो आप इंसानियत तक भूल जायेंगे जिन्दगी जिनके लिए होती है सिर्फ काम करने के लिए नहीं फोरेन में चाहे कितने ही इंडियन मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च क्यों ना हो फोरेन हमें अपना कभी नहीं लगेगा और जब आप टीवी में इंडिया का एक पीपल का पेड़ भी देखेंगे तो भी आपको फुट फुट के रोना आएगा
    आप अमेरिका जाओगे एक महिनेमे आपका अपना घर होगा कार होगी इंडिया में सात जन्मोमे जो नहीं मिलेगा ओह यहाँ सिर्फ सात दिनोमे मिलेगा लेकिन एक जो भयानक दुःख है ओह ना तो आप किसीको बोल सकते हो ना उन्हें कम कर सकते हो इंडिया में ना कभी बदाम खा सकते हो ना कार खरीद सकते हो उपरसे सदा गुंडा बदमाश का दर सारे पोलितिसियन पोलिसे करप्तेद यह सब से डरके रहना पड़ता है लेकिन जानते हो यह गुंडा बदमाश तेरोर्रिस्ट सभी अपने है यही आपकी बड़ी संपत्ति है यही असली सुख है यहाँ ना हमारा अपना कोई है ना अपना इंडियन भी अपना है सारे पराये ना अपने बेटे अपने है ना आप अपने है यह एक बहोत बड़ा मानसिक दुःख है जिसे मानव जातिमे जनम लेके नहीं मिलाना चाहिए अमेरिकेन यूरोपियन इनकी एक अलग दुनिया है वे सारे उसी दिनिया में बसे हुवे है उसी आदद तोमे घेरे हुवे है अब ओह हमें भी उसी दुनियामे खीचना चाहते है उनके फायदे के लिए वे सुखसे परे है उन्होंने न्याचरल लाइफ को अर्तिफिषर बनाया है यह न्याचरल के खिलाप है ज्यादा तर ऐसे लोग पाच छे कंट्री में ही है बाकि सारी दुनिया हमारे जैसी है चाहे ओह पोलैंड हो या कोरियन अफ्रीकान हो या अरबियन हम सारे एक है लेकिन सिर्फ मनी मनी के लिए और फ्याशन के लिए हम बहार जाना चाहते है और भगवान ने दिया हुवा ये अमूल्य जीवन बर्बाद कर रहे हो सावधान सावधान मै ऑडियो विडिओ दिखाने के पहले आप सब भारतीयोंको विनंती करता हु की चाहे जितने दुःख झेलना पड़े आप यह कोशिश करे की आप अपने देश को कभी ना छोड़े यह देश यहाकी मिटटी हमें अपने बच्चे माँ बाप से भी ज्यादा प्यारी है पहले के जमानेमे इंगलिश लोग अपने देश की उन्नत्ति के लिए से अफ्रीका से इंडिया से काम करने के लिए लोगोंको स्लेव बनाके उनसे काम करवाते उन्ही स्लेव की संताने अब भी उनके निचे डर डर के काम करते है फरक सिर्फ इतना की उस जमानेमे स्लेव थे अब लेबर या ऑफिसर बन के काम करते है और इनके जरिये वे अपने देश को तो आगे लाते है लेकिन हमसे इंसानियत छीन लेते है ं यह है इनकी नियत
    कई इंडियन सोचते है कुछ नहीं तो $ 5 का तो काम मीलेगा तोभी रोज का दो हज़ार रुपय्या होगा क्या कम है इसी तरह वे 5 , 7 ,10 डॉलर में एअरपोर्ट पोलिसे रेलवे सबवे मल में शान से काम करते है और 8 घंटे इंडिया के संडास साफ करनेवाले जमादारसे भी बदतर काम करते है और यह सिर्फ कम पढ़े हुवे ही नहीं इंडियन कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर इन्जिनीर भी करते है यही हालत ज्यादा कमाने वालोंकी भी है न्यूयार्क में आप कई न्यूज़ स्टैंड देखेंगे वे सारे १२ , १२, १५, १५ घंटे खड़े खड़े काम करते है पेशाब करने के लिए लेडिज हो तो प्लास्टिक बैग जेंट्स हो तो बोत्तल रखते है इतना सब कुछ करनेके बाद क्या मिलाता है और क्या बचाता है वही जाने जिनका अपना स्टोर है उनका जीवन तो और बदतर है जीतनी मेहनत इंडिया में मिल मजदूर ५ दिन करता है उतनी उन्हें १ दिन में करनी पड़ती है कई लोग तो ऐसे है की नुयोर्क के एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के दो मिनट दुरी पर दस सालसे काम करते हुवे भी उन्हें एम्पायर बिल्डिंग कहा है पता नहीं जीवन घरसे काम और काम से घर तक सिमित होता है बड़े बड़े बिझनेस्मन भी झाड़ू पोचा से सब काम करते है जो काम उनके सात पुस्तोने नहीं किया ओह उन्हें यहाँ झक मारके करना पड़ता है जब कोई इंडिया से फोरेन आता है और एअरपोर्ट पैर भारतीय को काम करते देखता है तो उन्हें गर्व महसूस होता है लेकिन वे नहीं जानते की इससे तो अपने देशके भिकारी भी अच्चा जीवन जीते है सबसे दुःख औरत को देखके होता है जो औरतोंके निचे हमेश कोई न कोई काम करने वाला होता है वही औरते यहाँ ओह सब काम चुप चाप कराती है
    आप बिलीव नहीं करेंगे ८०% इंडियन पूरी तरहसे टूटे है अब तो अपने जमीन पर मरना भी उनके नसीब में नहीं है लेकिन वे सारे इंडियन को दिखाते है हम खुश है और जब यही लोग इंडिया में जाते है तो इंडियन उनका शान शौकत से स्वागत करते है उन्हें लगता है की फोरेन में रहने वाले इन्सान से भी बढ़के है अब मै आपको आँखों देखा हाल सुनाने दिखाने जा रहा हु अगर आप सहीमे देखना सुनना परखना समजना चाहते हो तो हमें लिखिए शुक्रिया धन्यवाद
    रमेश शाह –१-५५१-६८९-१७८४ USA

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    Ajay Sahare July 8, 2012 at 10:38 pm

    Amir sir,
    Sir please arise the point of Train vulgourity inside the bathroom.Some people give vulgour comments.

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    Ajay Sahare July 8, 2012 at 10:32 pm

    todays topic was heart touching.In my life I was met such type of people they are very negative person.such type of people are very dangerous for nation and society.

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